आत्मनिर्भर भारत पर निबंध

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आपके भी दिमाग में प्रश्न आता होगा की आखिर  आत्मनिर्भर क्या है, आत्मनिर्भर भारत का क्या अर्थ है, आत्मनिर्भर कैसे बने और आत्म भारत को कैसे बनाए, भारत सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत बनाने हेतु उठाये गए कदम, आत्मनिर्भर भारत पर निबंध, भारत प्राचीन काल से ही आत्मनिर्भर रहा है, और इस कड़ी मे आत्मनिर्भर बनकर आप अपने देश और परिवार के साथ-साथ आप को फिर से प्रगति के मार्ग पर खड़ा करने मे देश की मदद/सहायता कर सकते है तो इस प्रकार से आप आत्मनिर्भर भारत पर निबंध लिख सकते है ||

आत्मनिर्भर क्या है

आत्मनिर्भर का अर्थ होता है कैसे आप स्वयं को आत्म निर्भर रख सकते हो अर्थार्त आप सारे काम स्वयं से करे न की किसी पर आप अपना कार्य सोपे या किसी और पर अपने कार्य के लिए निर्भर रहे ! आत्मनिर्भर रहना और आत्मनिर्भर बनना इस कोरोना काल में सबको शिखा ही दिया होगा लेकिन कुछ बाते है जो आपको जानना बेहत जरूरी है जैसे की क्या क्या चीजे जरूरी होती है आत्मनिर्भर बनने के लिए और कैसे हम अपने साथ साथ औरो को भी आत्मनिर्भर बनाए जब सब आत्मनिर्भर बनेंगे तब ही तो देश भी आत्मनिर्भर बनेगा |

आत्मनिर्भर बनने का पहला मूल मंत्र होता है घर की अपने आसपास की चीजों से अपने लिए या अपने आसपास के लोगो के लिए जरूरी सामान बनाना और उनको उचित मूल्य प्राप्त करके बेचना ! कच्चे सामान का ज्यादा से ज्यादा उत्पाद करना और इनको ऐसी जगह भेजना जहा इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है जैसे गावों कस्बो और छोटे शहर में !

आत्मनिर्भर आसान भाषा में :-

आत्मनिर्भर अर्थात किसी और पर निर्भर न होके स्वयं से सारे काम करना और इसके कई रूप होते है उनमे से एक है अपने आसपास के उत्पाद को सही से इस्तेमाल कर उसको उपयोग में लाने बाली वस्तु बनान। आत्मनिर्भर भारत पर निबंध में आइये जानते है की आत्मनिर्भर होने के लाभ उधारहण के तौर पर |

आत्मनिर्भर होने के लाभ

आत्मनिर्भर होने का सबसे पहला लाभ तो ये है की हमें अपने कार्य के लिए किसी और पर निर्भर नहीं होना होगा जिससे हमारी उसके होने या न होने से कोई दिक्क्त नई आएगी काम नई रुकेगा, हम स्वयं से सारी चीजे देख परख कर करेंगें और साडी चीजों का ध्यान स्वयं से ही रख पाएंगे इससे गलती होने की संभाभना काम हो जाएगा, खुद को इम्प्रूव करेंगे और अपना विकास करेंगे अपनी बुद्धि बढ़ाएंगे, परिष्तिथि के अनुसार काम करना सिख जाएंगे और नए नए आविष्कार कर पाएंगे ||

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उधारहण के तौर पर

आप घर से ऑफिस तक लिए एक कैब बुक की है जो की रोज आपको घर से ऑफिस तक लेकर आता है और जाता है लेकिन आपका ऑफिस आपके घर से ज्यादा दूर नहीं है किन्तु आप फिर भी पैदल जाने की जगह कैब पर निर्भर है एक दिन आपके ऑफिस में बोहोत अर्जेंट मीटिंग थी और आपको ऑफिस जल्दी पोहोचना था आप बहार खड़े अपने कैब का इंतज़ार कर रहे थे लेकिन वो नहीं आया फिर आप
इंतज़ार करते करते वही खड़े रहे फिर आपको पता चला की उसकी तबियत ख़राब है अब तक आप अपने ऑफिस के लिए भी लेट हो गए और आपको डाट भी पड़ी आपकी मीटिंग भी खराब हो गयी अगर आप स्वयं पर निर्भर रहते और ऑफिस पैदल ही जाते तो आपको कैब पर निर्भर नहीं होना परता यही एक सिख है आत्मनिर्भर बनने का इसीलिए आत्मनिर्भर होंना बेहद जरूरी है !

आत्मनिर्भर भारत क्या है और आत्मनिर्भर भारत अभियान

भारत एक ऐसा देश जो आजादी के बाद से अब तक कई चीजों पर दूसरे देशो पर निर्भर करता है किन्तु भारत के प्रधानमंत्री द्वारा एक अभियान लागू क्या गया जिसका जो की था आत्मनिर्भर भारत जिसके अंतर्गत भारत की अर्तव्यवस्था सुधारने के लिए लोगो को प्रेरित क्या गय।
इस अभियान मई भारत द्वारा ही कई जरूरी वस्तुओ का आविष्कार किया जाएगा और भारत मई उपस्तिथ कच्चे माल द्वारा ही कई चीजों का निर्माण क्या जाएगा इस अभियान का नाम इस वजह से आत्मनिर्भर रखा गया

हम विदेशी चीजों पर निर्भर न होक स्वदेशी बन जाये और भारत के अंदर ज्यादा से ज्यादा व्यापार बढ़ाये और भारत का बाजार बड़ा करे
क्युकी जिस देश का बाजार बढ़ता है वो देश अपनी आर्थिक समस्या को भी कम करता है हमने कुछ समय पहले ही अपने देश में उत्पाद का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है लेकिन पहले हम केवल विदेशी चीजों का इस्तेमाल करते थे जिसकी वजह से बोहोत सरे स्वदेशी कंपनी या तो ख़त्म हो गयी या बोहोत नुक्सान होने की वजह से बहार चली गयी

अगर हमे अपने भारत को आत्मनिर्भर बनाना है तो दूसरे देशो पर निर्भर न होक स्वयं के उत्पादों को अधिक ख़रीदे और विदेशो में भी अपने
उत्पाद भेजे जिससे कई हमारे देश का विकास हो और हामान अर्थवयवस्था में सुधार आये  ||

आत्मा निर्भर भारत की शुरुवात

इसकी शुरुवात तो आजादी के वक़्त से ही हो गयी थी जब गाँधी जी ने अपना एक आंदोलन करा जिसके अंदर उन्होंने सारी विदेशी वसुतो को त्याग करने और छोड़ने को कहा था इस आंदोलन का नाम था सविनय अवज्ञा आंदोलन किन्तु भारत तब तक ही ये करपया उसके बाद ये
आंदोलन फीकी पड गयी और आज भी हम विदेशी वस्तुओ पर निर्भर है लेकिन कोरोना के बाद आज जब विदेशो को खुद मदद चाहिए और वो अपना उत्पाद अन्य देशो मई देने में असमर्थ है तो भारत ने अपनी आवयसकताओ के अनुसार अपने ही देेश के सामान से कई चीजे बनाई जैसे की पीपीटी किट ग्लोब वेंटीलेटर और अन्य जरूरी चीजे और यहाँ तक की दूसरे देशो में भी इसको भेजा |

आज भारत में कई वैक्सीन भी बन रही और कुछ तो बन भी गयी है जो की बेहद गर्व की बात है आज भारत ने दिखा दिया है की उसको किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है वो चा हे तो कुछ भी कर सकता है |

आत्मनिर्भर बनने के चार मुख्य स्तम्भ

ऐसी चार चीजे जिनको यदि हम सुधारेंगे तो अपने देश को आत्मनिर्भर बना सकते है और तरक्की भी दिला सकते है:-

अर्थव्य व्श्था – भारत का जो बाजार है वो है मिश्रित बाजार जिसके अंदर भारत में कुछ चीजों का मूल्य सरकार द्वारा और कुछ चीजे का मूल्य बाजार द्वारा नियमित किया जाता है यदि हमें अपनी अर्थव्यवस्था सुधारनी है तो हमें ज्यादा से ज्यादा देश के उत्पाद को बढ़ाना होगा और
विदेशी मुद्रा भारत में लाना होगा |

तकनीक – भारत धीरे धीरे तरक्की कर रहा है चाहे सेना में हो या तकनीक में आज भारत द्वारा कही मिसाइल बम टैंक प्लेन एयरक्राफ्ट आदि
तैयार हो रहे है जिससे भारत धीरे धीरे आगे बढ़ता जा रहा है |

इंफ्रास्ट्रक्चर – भारत एक विकासशील देश है और इसका इंफ्रास्ट्रक्चर भी काफी मजबूत है |

डिमांड- भारत में कही चीजों की कमी है जैसे की कच्चा मॉल क्युकी भारत में कच्चे माल की मांग ज्यादा है और ज्यादा मांग होने की वजह से हमे विदेशो पर निर्भर होना पड़ता है यदि हम भारत में ही कच्चे मॉल का उत्पाद शुरू कर दे तो दश आत्मनिर्भर बन सकता है
जनसख्या भारत की सबसे बड़ी गलती है बढ़ती जनसँख्या को न रोक पाना और जनसँख्या के मामले मई दूसरे नंबर पर पोहोचना

Disclaimer:-

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